
पहले कवि हैं संतोष तिवारी. मध्यप्रदेश में राजीव गांधी मिशन के असि. प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं और खूब व्यस्त रहते हैं. इनका एक बेटा है, और एक ही पत्नी भी. कर्म से अफ़सरशाह हैं, लेकिन मन से कवि. नेपानगर मध्यप्रदेश में हम साथ साथ पढ़े, और बढ़े. कविता उनके लिए दिल की अभिव्यक्ति है.
उनकी एक कविता नोश फ़रमाइए.
कल रात,
एक अजीब से ख्वाब से,
मै डर गया, दोस्त!
तुमने
अपनी कविता में मुझे मिलने बुलाया था!
तुम्हे पाने की आस में
खंगाल ली पूरी कविता मैंने,
पर मुझे मिले नहीं तुम!
थक कर जब हताश हो रहा था मै,
तो देखा तुम्हे
दुनिया की भीड़ में ...मुस्कुराते हुए!
ख्वाब में छला है दोस्त !
सच में मत छलना,
मै सचमुच अब तक डरा हुआ हूँ!
-- संतोष तिवारी
०३/११/११
yeppp this is what we needed, hamara apna gharelu blog, bt plz dnt limit this page to "only for Kavita" infact mannnnnnnnny of us may hv something to say in our own style, swarachit bt not in kavyaform............
ReplyDeleteall the very best & keep pouring in........
thanx jeetu ...idea zabardast hai ....
ReplyDeleteNice initiative Jittu! keep it up!
ReplyDeleteवाह संतोष, तुम तो बड़ी अच्छी कविता लिखते हो?
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